रविवार, 5 जनवरी 2020

दिल से रे


सोलों की राह पर चलेगा कौन ।
 दुनिया को प्रेम के धागों से बांधेगा कौन ।।
 जब हम ही न रहेंगे तो ।
 हमारे जैसे मोहब्बत करेगा कौन ।।


जब से तुझ से रिश्ता हुआ ।
 मैं बड़ा बेइज्जत हुआ ।।
 तूने भी कोई कसर न छोड़ी ।
 अपनी निगाहों में रुसवा हुआ ।।


कोमल कोमल अंग तुम्हारे सुंदर यह दो नैन ।
 काली काली जुल्फे तुम्हारी दिन में कर दें रैन ।।
 गुलाबी होंठ तुम्हारे छलकते मधु के प्याले ।
 गोरे गोरे गाल तुम्हारे कर दें मुझे बेचैन ।।


जुल्फें है या काली घटाएं ।
 बिखर पड़े जब चले हवाएं ।।
 गोरे गोरे गालों पर तेरे ।
 बनकर नागिन सी लहराए ।।


दुनिया की बेवफाई ने वफा करना सिखा दिया ।
 मोहब्बत का जो कर्ज था मैंने वह भी चुका दिया ।।
 सारे जहां से वफा करते करते ।
 हमने खुद को भी मिटा दिया ।।


याद ना आए उसकी यही दुआ किया करता हूं ।
 रोज उसके प्यार में मर मर कर जिया करता हूं ।।
 भूलू कैसे उसकी बेवफाई को, चलाया था जो खंजर सीने पर मेरे ।
 आज भी उसी के लहू को धोया किया करता हूं ।।


आंखों में समा जलाए रखना ।
 वादों में वफा बनाए रखना ।।
 अगर न रख सको घर में मेरी तस्वीर ।
  मगर दिल में जरूर बरसाए रखना ।।


प्यार दुनिया की सौगात नहीं होती ।
 वह मिलते हैं मगर बात नहीं होती ।।
 कोई कैसे बताएं उन हरजाईयौं को ।
 प्यार में दिल तो टूटते हैं मगर आवाज नहीं होती ।।


सीने में उठे अरमानों को कैसे हम सम्भालें ।
 मदहोश हो जाते हैं सुनकर उनकी बातें ।
 गोरे गोरे मुखड़े की सुरमई आंखें ।
 ढा डालती हैं सितम जहां यह नजर डालें ।।


तुम्हारे ख्वाबों खयालों को हम चुरा लेंगे ।
 महकती हुई तेरी खुशबू को सांसो में समा लेंगे ।।
 लाख कोशिश कर ले जुदा करने की कोई ।
 आंखों में बसी तस्वीर तेरी तुम्हें दिल में छुपा लेंगे ।।


जब कोई दूर होकर भी दिल के पास होता है ।
 किसी से बार-बार मिलने को दिल तरसता है ।।
 बताया नहीं जाता जुबां से मोहब्बत का फसाना ।
 एहसास तो आंखों से बयां होता है ।।


हवाओं में खुलती खुश भी याद आती है ।
 फिजाओं में पायल की झनक सुनाई आती है ।।
 भुला देना चाहता हूं उसे मगर ।
 जब करता हूं बंद आंखें अपनी वो लड़की नजर आती है ।।


जैसे गिरता है पानी झरनों से ।
 जैसे गिरते हैं आंसू आंखों से ।।
 आजा कि तेरी याद में ।
 दिल तड़प रहा है बरसों से ।।


फूल देते हैं इकरार करने वाले ।
 खत लिखते हैं प्यार करने वाले ।।
 चाहते हैं एक बार देखना तुम्हें ।
 तुम्हारी एक मुस्कान पर मरने वाले ।।


इंतजार का एक-एक पल खास होता है ।
 कोई दूर होकर भी दिल के पास होता है ।।
 आंखें ढूंढती है जिसे रास्तों पर ।
 उसका न जाने कहां निवास होता है ।।


सूरज की पहली किरण सुबह का एहसास दिला देती है ।
 चांद की शीतल चांदनी घर की याद दिला देती है ।।
 अगर न हो जिंदगी में कोई हमसफ़र अपना ।
 तो यह जिंदगी तन्हा और वीरान बना देती है ।।


चलती है ट्रेन मंजिल पर पहुंचने के लिए ।
 चकोर जलता है आग में चांद को पाने के लिए ।।
 हम बिना आग के ही जलते हैं ।
 तुम्हारा प्यार पाने के लिए ।।


रास्तों पर चलने वालों का भी मुकाम होता है ।
 मिलती है निगाहें यही प्यार का पयाम होता है ।।
 मुंह से बयां नहीं किया जा सकता ।
 प्यार का तो केवल दिलों को एहसास होता है ।।


बेखबर मेरे दर्द से तू रह नहीं सकता ।
 ठुकरा कर मेरे दामन को तू जा नहीं सकता ।।
 भूल जाए बेशक मेरी वफाओं को ।
 अपनी बेवफाई को तू भूल नहीं सकता ।।


महकती हुई खुशबू को सांसो में समा लेते हैं ।
 वीरान गुलिस्तानों को बहार बना देते हैं ।।
 एहसास नहीं होता चाहने वालों को ।
 हम बड़े से बड़े गम को सीने में छुपा लेते हैं ।।


चलने से उसकी पायल चमकती है ।
 अंगड़ाई से उसकी चूड़ी खनकती है ।।
 जब देखती हैं कातिल निगाहें ।
 रब की सौं मेरी तो जान निकल जाती है ।।


धड़कते हुए दिल को खुमारि आ गई ।
 जाने कहां से प्यार की बीमारी आ गई ।।
 जब से आप आए जिंदगी में मेरी ।
 मुझको शेर ओ शायरी आ गई ।।


दिल कुछ कहना चाहता है लव कह नहीं सकते ।
 मुंह पर तुम्हारी तारीफ हम कर नहीं सकते ।।
 क्योंकि बात रखने वाले अपने लोग ।
 दुनिया में हर किसी को मिल नहीं सकते ।।


जुल्फें उड़ती है फिजाओं के चलने से ।
 होती है मोहब्बत निगाहों के मिलने से ।
 बंद आंखों को भी नजर आती है ।
 तस्वीर  प्यार की इश्क की पहचान मिलने से ।।


चांद से जैसे चांदनी बिखर आती है ।
 हाथों में जैसे मेहंदी निखर आती है ।।
 जब भी देखता हूं तुम्हारी आंखें ।
 तेरी तस्वीर नजर आती है ।।


दिल में कोई अरमान जगाता है ।
 प्यार का कोई एहसास कराता है ।।
 अक्सर भूल जाते हैं उसी को ।
 जो हमें प्यार करना सिखाता है ।।


दिल तन्हा उदास होता है ।
 आंखों में नशा बसा होता है ।।
 दिल जिसे याद करता है ।
 तन्हाइयों में भी उसकी मौजूदगी का एहसास होता है ।।


बहार आए बाग में तो फूल खिल जाते हैं ।
 दिल से निकले अरमान मोहब्बत बन जाते  हैं ।।
 अहसास ही कहा होता है दीवानों को ।
 प्यार के फूल तो खिलते खिलते ही खिल जाते हैं ।।



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