सोलों की राह पर चलेगा कौन ।
दुनिया को प्रेम के धागों से बांधेगा कौन ।।
जब हम ही न रहेंगे तो ।
हमारे जैसे मोहब्बत करेगा कौन ।।
जब से तुझ से रिश्ता हुआ ।
मैं बड़ा बेइज्जत हुआ ।।
तूने भी कोई कसर न छोड़ी ।
अपनी निगाहों में रुसवा हुआ ।।
कोमल कोमल अंग तुम्हारे सुंदर यह दो नैन ।
काली काली जुल्फे तुम्हारी दिन में कर दें रैन ।।
गुलाबी होंठ तुम्हारे छलकते मधु के प्याले ।
गोरे गोरे गाल तुम्हारे कर दें मुझे बेचैन ।।
जुल्फें है या काली घटाएं ।
बिखर पड़े जब चले हवाएं ।।
गोरे गोरे गालों पर तेरे ।
बनकर नागिन सी लहराए ।।
दुनिया की बेवफाई ने वफा करना सिखा दिया ।
मोहब्बत का जो कर्ज था मैंने वह भी चुका दिया ।।
सारे जहां से वफा करते करते ।
हमने खुद को भी मिटा दिया ।।
याद ना आए उसकी यही दुआ किया करता हूं ।
रोज उसके प्यार में मर मर कर जिया करता हूं ।।
भूलू कैसे उसकी बेवफाई को, चलाया था जो खंजर सीने पर मेरे ।
आज भी उसी के लहू को धोया किया करता हूं ।।
आंखों में समा जलाए रखना ।
वादों में वफा बनाए रखना ।।
अगर न रख सको घर में मेरी तस्वीर ।
मगर दिल में जरूर बरसाए रखना ।।
प्यार दुनिया की सौगात नहीं होती ।
वह मिलते हैं मगर बात नहीं होती ।।
कोई कैसे बताएं उन हरजाईयौं को ।
प्यार में दिल तो टूटते हैं मगर आवाज नहीं होती ।।
सीने में उठे अरमानों को कैसे हम सम्भालें ।
मदहोश हो जाते हैं सुनकर उनकी बातें ।
गोरे गोरे मुखड़े की सुरमई आंखें ।
ढा डालती हैं सितम जहां यह नजर डालें ।।
तुम्हारे ख्वाबों खयालों को हम चुरा लेंगे ।
महकती हुई तेरी खुशबू को सांसो में समा लेंगे ।।
लाख कोशिश कर ले जुदा करने की कोई ।
आंखों में बसी तस्वीर तेरी तुम्हें दिल में छुपा लेंगे ।।
जब कोई दूर होकर भी दिल के पास होता है ।
किसी से बार-बार मिलने को दिल तरसता है ।।
बताया नहीं जाता जुबां से मोहब्बत का फसाना ।
एहसास तो आंखों से बयां होता है ।।
हवाओं में खुलती खुश भी याद आती है ।
फिजाओं में पायल की झनक सुनाई आती है ।।
भुला देना चाहता हूं उसे मगर ।
जब करता हूं बंद आंखें अपनी वो लड़की नजर आती है ।।
जैसे गिरता है पानी झरनों से ।
जैसे गिरते हैं आंसू आंखों से ।।
आजा कि तेरी याद में ।
दिल तड़प रहा है बरसों से ।।
फूल देते हैं इकरार करने वाले ।
खत लिखते हैं प्यार करने वाले ।।
चाहते हैं एक बार देखना तुम्हें ।
तुम्हारी एक मुस्कान पर मरने वाले ।।
इंतजार का एक-एक पल खास होता है ।
कोई दूर होकर भी दिल के पास होता है ।।
आंखें ढूंढती है जिसे रास्तों पर ।
उसका न जाने कहां निवास होता है ।।
सूरज की पहली किरण सुबह का एहसास दिला देती है ।
चांद की शीतल चांदनी घर की याद दिला देती है ।।
अगर न हो जिंदगी में कोई हमसफ़र अपना ।
तो यह जिंदगी तन्हा और वीरान बना देती है ।।
चलती है ट्रेन मंजिल पर पहुंचने के लिए ।
चकोर जलता है आग में चांद को पाने के लिए ।।
हम बिना आग के ही जलते हैं ।
तुम्हारा प्यार पाने के लिए ।।
रास्तों पर चलने वालों का भी मुकाम होता है ।
मिलती है निगाहें यही प्यार का पयाम होता है ।।
मुंह से बयां नहीं किया जा सकता ।
प्यार का तो केवल दिलों को एहसास होता है ।।
बेखबर मेरे दर्द से तू रह नहीं सकता ।
ठुकरा कर मेरे दामन को तू जा नहीं सकता ।।
भूल जाए बेशक मेरी वफाओं को ।
अपनी बेवफाई को तू भूल नहीं सकता ।।
महकती हुई खुशबू को सांसो में समा लेते हैं ।
वीरान गुलिस्तानों को बहार बना देते हैं ।।
एहसास नहीं होता चाहने वालों को ।
हम बड़े से बड़े गम को सीने में छुपा लेते हैं ।।
चलने से उसकी पायल चमकती है ।
अंगड़ाई से उसकी चूड़ी खनकती है ।।
जब देखती हैं कातिल निगाहें ।
रब की सौं मेरी तो जान निकल जाती है ।।
धड़कते हुए दिल को खुमारि आ गई ।
जाने कहां से प्यार की बीमारी आ गई ।।
जब से आप आए जिंदगी में मेरी ।
मुझको शेर ओ शायरी आ गई ।।
दिल कुछ कहना चाहता है लव कह नहीं सकते ।
मुंह पर तुम्हारी तारीफ हम कर नहीं सकते ।।
क्योंकि बात रखने वाले अपने लोग ।
दुनिया में हर किसी को मिल नहीं सकते ।।
जुल्फें उड़ती है फिजाओं के चलने से ।
होती है मोहब्बत निगाहों के मिलने से ।
बंद आंखों को भी नजर आती है ।
तस्वीर प्यार की इश्क की पहचान मिलने से ।।
चांद से जैसे चांदनी बिखर आती है ।
हाथों में जैसे मेहंदी निखर आती है ।।
जब भी देखता हूं तुम्हारी आंखें ।
तेरी तस्वीर नजर आती है ।।
दिल में कोई अरमान जगाता है ।
प्यार का कोई एहसास कराता है ।।
अक्सर भूल जाते हैं उसी को ।
जो हमें प्यार करना सिखाता है ।।
दिल तन्हा उदास होता है ।
आंखों में नशा बसा होता है ।।
दिल जिसे याद करता है ।
तन्हाइयों में भी उसकी मौजूदगी का एहसास होता है ।।
बहार आए बाग में तो फूल खिल जाते हैं ।
दिल से निकले अरमान मोहब्बत बन जाते हैं ।।
अहसास ही कहा होता है दीवानों को ।
प्यार के फूल तो खिलते खिलते ही खिल जाते हैं ।।
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