हम जानते हैं तुम हमें न पसंद करोगे ।
किसी और के ही नाम पर घमंड करोगे ।।
जब रह जाओगे अकेले दुनिया में ।
तब संग मेरे रहने की फरियाद करोगे ।।
चांद ने चांदनी न होती ।
राग में रागनी न होती ।।
मोहब्बत करता है कौन ।
अगर दिल में जवानी न होती ।।
पतझड़ के मौसम में जो साख झडती है ।
जेठ के महीने में राह तपती है ।।
जिक्र भी गवारा न था जिसका ।
किसी के लिए मुलाकात भी करनी पड़ती है ।।
बिना सांस की जिंदगी नहीं होती ।
बिना चांद के चांदनी नहीं होती ।।
बिना अपनों के इस जीवन में ।
कोई खुशी, खुशी नहीं होती ।।
कठिन रास्तों में भी चलता जाता हूं ।
मन है मायूस फिर भी मुस्कुराता हूं ।।
देख कर तेरे चेहरे की खुशी ।
मैं अपने गम भूल जाता हूं ।।
फूलों के साथ बाग में कांटे भी लगे होते हैं ।
खुशी के साथ जीवन में गम भी लगे होते हैं ।।
देखकर मेरी सीरत मायूस न हो न तुम ।
गम तो अपने साथ साए की तरह लगे होते हैं ।।
सोचा था साथ रहना जमाना छोड़ा दिया ।
घायल था जिगर नमक भी लगा दिया ।।
सोया था कब्र में उसकी याद के सहारे ।
कब्र पर मेरी आकर किस ने जगा दिया ।।
सुहाने मौसम में जुदाई खलती है ।
यार को देखने को आंख तरसती है ।।
क्या करें इस तड़पते दिल का ।
हर तरफ उसकी सूरत दिखती है ।।
फूल है गुलाब का यूं न मत तोडो तुम ।
कांटा कहीं लग न जाए यूं न पकड़ो तुम ।।
पंखड़ी पंखडी फरियाद करती है ।
प्यार को बदनामी का काम न समझो तुम ।।
किनारे बैठकर सागर की गहराई का पता नहीं लगाया जा सकता ।
हम करते हैं प्यार जितना प्रतिशत से बयां नहीं किया जा सकता ।।
यकीन न हो तो चीर कर देख लो दिल हमारा ।
बिना तुम्हारे नाम का कतरा लहू में नहीं बह सकता ।।
प्यार दिल की शान होती है ।
आंख इश्क का पयाम होती है ।।
क्योंकि दिल को दुनिया में ।
मोहब्बत की पहचान होती है ।।
किसी की मोहब्बत को चुराया नहीं जाता ।
किसी के प्यार को दबाया नहीं जाता ।।
मांगे प्यासा पानी पीने को तो ।
शराब का जाम उसे पिलाया नहीं जाता ।।
सीने में है वफा का पानी ।
अदा है अपनी बड़ी बेगानी ।।
पागल ही होते हैं अपनों पर मरने वाले ।
अपनों ने अपनी कदर ही कहां जानी ।।
देख के हसीन चेहरा मचल जाता है दिल ।
जब याद आती है उसकी संभल जाता है दिल ।।
कब तक बचाऊं इस दिल को ।
यूं ही अजनबी रास्तों में भटक जाता है दिल ।।
मालूम नहीं है तुमको अपनी खुदाई का ।
दिल घबरा जाता है देखकर हरजाई का ।।
नाचने कूदने की आदत नहीं अपनी ।
हमने हर घूंट पिया है सब्र से तनहाई का ।।
मोहब्बत ने जिंदगी से एक बार यूं कहा ।
न होती दुनिया में मोहब्बत बोल तू करती रे क्या ।।
खामोश रही न कुछ कहा जिंदगी ने ।
बस आंख से केवल आंसू बहा ।।
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