शेर ओ शायरी दिल से
(1)
वेवस जिगर में नासूर पड़ गए होते ।
खूनी खंजरों से सैकड़ों टुकड़े सीने के हो गए होते ।।
गजल के रास्ते गम बहा दिए वरना ।
गमों में डूब के हम लोग मर गए होते ।।
(2)
मेरे एहसासों की ग़ज़ल हो तुम ।
मेरे अरमानों की पहल हो तुम ।।
रब से मांगा है टूटकर जिसे ।
वही दीवाने की फरियाद हो तुम ।।
(3)
लफ्जों में समा जाओ sms की तरह ।
दिल में बस जाओ रिंगटोन की तरह ।।
कभी भी खत्म ना हो ।
अपना प्यार बैलेंस की तरह ।।
(4)
मचलती हुई शम्मा को सराय में छोड़ दिया ।
झलकते हुए जामों को मैंखाने में छोड़ दिया ।।
जब से आप आए जिंदगी में मेरी ।
मैंने अपने लिए जीना ही छोड़ दिया ।।
(5)
जज्बातों को कब्र में दफन किया जाता है।
विश्वास का जमाना खून कर जाता है ।।
बहुत मुश्किल है जीना दुनिया में ।
हर कोई अपने अरमानों की अश्ती जला जाता है ।।
(6)
जिस पर किया था एतबार वही बेवफा निकला ।
खंजर चला जिगर पर पर खून न निकला ।।
धड़कता था दिल जिसके लिए ।
वही मेरा कातिल निकला ।।
(7)
तेरे ख्वाबों में रहना चाहता था तेरे पास भी न रह सका ।
अपनी जुदाई भी इस तरह हुइ अलविदा भी न कह सका ।।
(8)
मिलते हैं मगर मुलाकात नहीं होती ।
कहते हैं मगर बात नहीं होती ।।
जिंदगी भर साथ निभाने वाले ।
यूं दूर रहकर जिंदगी आवाद नहीं होती ।।
(9)
शमा को भूल जाए तो परवाने याद आएंगे ।
खुशी को भूल जाएंगे तो गम याद आएंगे ।।
लाख कोशिश करेंगे भूलने का मगर ।
जब दुखायेगा दिल आपका कोई तब हम याद आएंगे ।।
(10)
जाने क्यों लोग मोहब्बत पर गुमान करते हैं ।
दिल में तुम्हारे लालच है प्यार को बदनाम करते हैं ।।
मिट जाएगी चाहत जमाने से ।
क्यों कुदरत के इस तोहफे को शर्मसार करते हैं ।।
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