रविवार, 5 जनवरी 2020

दर्द और गम

आसमान में सितारे होते हैं चांदनी बढ़ाने के लिए ।
 सागर में उठते हैं तूफान लहरों को बढ़ाने के लिए ।।
 इन आंखों को इल्जाम न देना ।
 आंखें होती हैं दिल में प्यार जगाने के लिए ।।


वीरान घरों में सराय बन जाएं ।
 खुदा करे हम तारे बन जाए ।।
 उन्हें देखने मैं तकलीफ न हो ।
 जहां से भी वह देखें उन्हें हम नजर आए ।।



न मिलने की खुशी होती है न होता है बिछड़ने का गम ।
 जिंदगी भी है तनहा अपनी और दुनिया में अकेले हैं हम ।।
 किसको बताएं दिल का अपने हाल ।
 दुनिया को खरीद कर भी भिखारी लगते हैं हम ।।


हर शाम किसी पर ऐंतबार होता है ।
 हर रात दिल बेकरार होता है ।।
 ओ अकेले छोड़कर जाने वाले ।
 आज भी इन रास्तों पर तेरा इंतजार होता है ।।



आंखों में है प्यार मेरा कैसे छुपा लोगे ।
 रखोगे दिल में या दुनिया को बता दोगे ।।


प्यार की तूफान से किश्ती बचाइए ।
 मोहब्बत के दरिया में खुद को न फसाए ।।
 गिरते चमकते तारों की जिंदगी नहीं होती ।
 अपने आप को इस कदर टूटने से बचाइए ।।


पहाड़ी फूलों में खुशबू नहीं होती ।
 अमास के चांद में चांदनी नहीं होती ।।
 सफर में मिलते हैं साथ बहुत ।
 यू भटकने वालों में वफा नहीं होती ।।


बहती है नदी प्यास बुझाने के लिए ।
 चलती है हवा पतंग उड़ाने के लिए ।
 लड़की करती है फैशन ।
 लड़कों को पटाने के लिए ।।


जाने कौन से रास्ते पर चल रहे हैं लोग ।
 कल की किसी को खबर ही नहीं आज को जिए जा रहे हैं 
 लोग ।।
 किसी को किसी की फिक्र ही नहीं जाने कौन सी दुनिया में जिए जा रहे हैं लोग ।।


तू एक नजर जिस पर डालें । जी उठेंं मरने वाले ।।
 तेरे हुस्न की क्या बात कहें । टपकें होठों से रस के प्याले ।।



वो आएंगे तो शहनाइयां बजेंगी ।
 बागों की कलियां खिल जाएंगी।।
 जाने कितने जल जाएंगे ।
 जब वो  आंखों से बिजलियां गिरायेंगी ।।


बहकते हुए हुस्न ही दीवानों को वहकाते हैं ।
 इश्क की गलियों में आशिक चले आते हैं ।।
 इसमें आश्चर्य की क्या बात है ।
 महकते हुए फूलों पर ही भंवरे मंडराते हैं।।


सोचता हूं वह मेरे पास आ जाते ।
 मेरे होठों पर उनके होंठ लग जाते हैं ।।
 शराब की जरूरत ही न पड़ती ।
 वह हमें होठों के नशे से ही बहका जाते हैं ।।


 शायरी से दिल का हाल बयां किया करते हैं ।
 हर गम को खुशी से पीलिया करते हैं ।।
 जब तड़पता है दिल आपके लिए ।
 तब तुम्हारी तस्वीर देख लिया करते हैं ।।



एहसान जो तुमने मुझ पर किया जिंदगी भर न भूल पाऊंगा ।
 जिंदगी के हर कदम पर पास रहूंगा ही, मर कर भी साथ निभाऊंगा ।।



मांग तेरी तारों की झिलमिल से सजाऊंगा ।
 जीवन में तुम्हारे हर खुशी ले आऊंगा ।।
 ज़िन्दगी भर तो रहूंगा पास आपके ।
 मर कर भी साथ निभाऊंगा ।।



सोचता हूं मैं तारा होता ।
 हर वक्त तुम्हें देखता होता ।।
 जब भी खलता आंखें अपनी मैं ।
 उस समय सामने तुम्हारा मुखड़ा होता ।।



कोई अब भी मुझको बुला रहा है ।
 मेरी याद में खुद को तड़पा रहा है ।।
 सुकून मिलता था जलाकर दिल जिसको ।
 आज वही विरह में जला जा रहा है ।।



बीती हुई रातों को कोई याद न दिला दे ।
 पीता हूं कहीं कोई होश में न ला दे ।।
 टूटे हुए दिल को उम्मीद ही कहां जीने की ।
 डरता हूं मरते हुए को भी कहीं कोई जहर न पिला दे ।।



जिंदगी में हर किसी का कोई खास होता है ।
 भले ही वह किसी और के पास होता है ।।
 दुनिया कहे कुछ भी हमको ।
 जिसके दिल में है प्यार उसी को ही एहसास होता है ।।




सब याद है मुझको

वो गिरती हुई बूंदें , वो बारिश का पानी ।
बो भीगे बदन की प्रेम कहानी ।।
 सब याद है मुझको, वो पनघट का पानी ।
 सुराही से लिपटी उनकी जवानी ।।
 राजा कि जैसे थी वो रानी ।
 मस्त बहारों की मोज तूफानी ।।

 सब याद है मुझको, वो झरनों की रवानी ।
 वो कल कल करता पहाड़ों का पानी ।।
 तारों में झिलमिल रात सुहानी ।

 सब याद है मुझको वो बात पुरानी ।
 आंखों से उसके जो गिरता था पानी ।।
 विरह की आग में जलती जवानी ।
 लबों से लेकिन कह न पाती ।।
 जमाने ने क्या मन में है ठानी ।
 दिल किसी का टूटा हुई किसको हानि ।।

सब याद है मुझको, वो बात बेगानी ।
 कहते थी दुनिया पर मैंने न मानी ।।
 अब याद आती है वह सूरत पुरानी ।
 भूला में कैसे बचपन की कहानी ।।

 सब याद है मुझको, जो कहते थी नानी ।
 जिंदगी है वैसी जिसने जो जानी ।।
 तुमको लगे क्यों बात पुरानी ।
 मेरे दिल ने तुमको है बतानी ।।
 सुनोंगे दिल से, जो मेरी कहानी ।
 लगेगी तुमको जानी पहचानी ।।




दिल ने फिर याद किया उसको भूल जाने पर ।
 जान ही निकल जाती है उसकी याद आने पर ।।
 एतबार हम पर फिर भी न हुआ ।
 जीते हैं बताएं कैसे हम मर जाने पर ।।


जिससे था प्यार उससे कहना पाया कभी ।
 दिल की गहराइयों में प्यार बहा न पाया कभी ।।
 गम नहीं उसके चले जाने से ।
 अफसोस है मुलाकात उससे करना पाया कभी ।।


कल किसी ने मुझसे सवाल पूछा था ।
 कैसे हो मेरा मिजाज पूछा था ।।
 यकीन न हुआ सुनकर भी मुझको ।
 बहुत दिनों के बाद किसी ने हाल पूछा था ।।



अनजान मुसाफिरों को मंजिल का पता नहीं होता ।
 गाड़ी चलती जाती है रुकने का मालूम नहीं होता ।।
 जिंदगी में रह जाते हैं अकेले अक्सर ।
 क्योंकि कौन कहां साथ छोड़ दे मालूम नहीं होता ।।


अब नजर प्यार की उम्मीद लगाए बैठे हैं ।
 रास्ते में किसी के आंखें बिछाए बैठे हैं ।।
 दिल भी तोड़ दिया उस जालिम ने ।
 फिर भी प्यार की आस लगाए बैठे हैं ।।



हर रात मेरे ख्वाबों में आते रहते हैं ।
 मेरी बेचैनियों को बढ़ाते रहते हैं ।।
 तरस नहीं आता देखकर मेरा हाल ।
 अपनी दिलकश अदाओं से जलाते रहते हैं ।।


दिल तुझे दिया प्यार आने पर ।
 जान तुझे दी ऐतबार आने पर ।।
 ताबूत में भी किया इंतजार उसका ।
 जान चले जाने पर ।।



वफा नहीं थी दामन में तो क्या हुआ बेवफाई ही बता देते ।
 बाग में फूल नहीं थे तो क्या हुआ राह में कांटे ही बिछा देते ।।
 कांटों पर भी चले जाते प्यार करने वाले ।
 मगर दिल में प्यार की आस ही लगा देते ।।


हमने उनसे सिर्फ प्यार किया ।
 चाहत को कभी न दागदार किया ।।
 जिंदगी भर साथ चलने वाले ।
 तूने दो कदम भी मेरा इंतजार न किया ।।



दिन उगता है बाहर छा जाती है ।
 दिल में आपकी चाहत बड़ा जाती है ।।
 जब नजर आ जाते हो तुम ।
 तो जान में जान आ जाती है ।।



ठंडी-ठंडी बारिश की बूंद जब बदन पर पड़े ।
 बहती हुई फिजा जब कान में कुछ कहें ।।
 मन में समा जाती है ताजगी ।
 जब यह आंख किसी खास पर पड़े ।।



मच्छर के प्यार ने दीवाना बना दिया ।
 खटमल के इंतजार में रातों को जगा दिया ।।
 परेशान हूं चारपाई को बर्बाद देखकर ।
 कमबखत ने चैन से सोना भुला दिया ।।



किसी के प्यार में मैं भी रोया था ।
 किसी के इंतजार में मैं भी खोया था ।
 जब वह चली गई छोड़कर ।
 तभी मैं चैन से सोया था ।।



जुल्फ उड़े तो शाम हो जाए ।
आंख झुके तो रात हो जाए ।।
 और क्या कहें उनके बारे में ।
 हवा छूए तो बाहर हो जाए ।।



 प्यार व्यार वफा इकरार ।
 हम भी बहुत किया करते थे यार ।।
 जब इश्क का पर्दा उठा ।
 वही अपना न था जिसके लिए था दिल बेकरार ।।



चलते चलते कई मिल जाए अगर ।
 अपना समझना जूदा जान कर ।।
 बेशक लगाना न सीने से अपने ।
 मगर करना बात मुस्कुरा कर ।।


हो जब तू अकेला कहीं राह में ।
 हो न जब कोई तेरे साथ में ।।
 तब याद करना हमें ।
 हर बढ़ते हुए कदम के साथ में ।।


जिससे था प्यार उससे कह न पाया कभी ।
 दिल की गहराइयों से प्यार बहा  न पाया कभी ।।
 गम नहीं उसके चले जाने का ।
 अफसोस है सलाम भी उसे कर न पाया कभी ।।



कल किसी ने मुझसे सवाल पूछा था ।
 कैसे हो मेरा मिजाज पूछा था ।।
 यकीन न हुआ सुनकर भी मुझको ।
 बहुत दिनों के बाद किसी ने अपना हाल पूछा था ।।




न पलकों पर बैठेंगे तुम्हें ।
 न आंखों में सजाएंगे तुम्हें ।।
 जो दिल याद करता है दिन रात ।
 उसके अंदर बसाएंगे तुम्हें ।।



अच्छा हुआ संभल गय वरना गिर गए होते ।
 लगी थी ऐसी ठोकर रास्ते में बिखर गए होते ।।



जब देखता हूं आंखें तुम्हारी जीने की इच्छा बढ़ जाती है ।
 दिल की धड़कन के साथ आंखों की चमक बढ़ जाती है ।।
 विश्वास न हुआ खुद पर मुझको ।
 मुस्कुराहट को याद कर लबों पर शायरी बन जाती है ।।





याद है मुझे वो रात

याद है मुझे वो रात ।
 जब थी पहली मुलाकात
 धड़कन बढ़ रही थी।
 बेकाबू हो रहे थे जज्बात ।।
 जब सामने थी वह ।
 नई नवेली थी वह ।।
 गहनों में सजी थी वो ।
 मेहंदी से रंगी थी वो ।।
  जब लेकर आई थी बारात ।
 याद है मुझे वो रात ।।

 ख्वावों की परिधि वह ।
 संगमरमर से बनी थी वह ।।
 महकती हुई कली थी वह ।
 सितारों से सजी थी वह ।।
 बिखरी हुई चांदनी की झिलमिलाती वो रात ।
 याद है मुझे वो रात ।।

 चुमने  से सहमति थी वो ।
 बातों पर लर्जती थी वो ।।
 आंखों से शर्माती थी वो ।
 बिना कहे कह जाती थी वो ।।
 कैसे भूलूंं में प्यार की वो सौगात ।
 जो दी थी उसने पहली रात ।।
 याद है मुझ वो रात।।




वे वक़्त वो याद आते हैं ।
 हर पल वो याद आती हैं ।।
 कैसे जुदा करें खुद को उनसे ।
 वो सांसो में समा जाते हैं ।।





शाम की तन्हाइयों ने जीना सिखा दिया ।
 किसी के एतवार ने दर्द सेहना सिखा दिया ।।
 बडती रही मिलने की बेकरारी ।
 किसी के इंतजार ने पीना सिखा दिया ।।




भटकते हुए दिल को करार आ गया ।
 दुनिया को छोड़ कर मेरे पास आ गया ।।
 करते करते मौत का इंतजार ।
 जिंदगी पर मुझे ऐतबार आ गया ।।





आसमान के तारे जमीन पर आ जाएंगे ।
 या बहार के फूल खिल जाएंगे ।।
 कैसा होगा वह समा ।
 जब बांहों  में महबूबा आ जाएंगे ।।



  नरम नरम बाय हैं उनकी ।
कातिल अदाएं हैं उनकी ।।
 क्यों ना रहना चाहे कोई पहलू में उनके ।।
 नरम नरम बाहें हैं उनकी ।।




बादल  हवा का रुख मोड़ नहीं सकता ।
 शीशा कभी पत्थर को तोड़ नहीं सकता ।।
 यकीन है इतना उस पर ।
 वह वेखबर मेरे गम से वो हो नहीं सकता ।।








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