शनिवार, 4 जनवरी 2020

फौजी की शायरी

कश्मीर में सर्दी न होती ।
राजस्थान में गर्मी न होती है ।।
 आ जाता मैं तुरंत तुम्हारे पास ।
 बदन पर अगर फौजी भर्ती न होती ।।

फौजी की जिंदगी भी अजीब होती है ।
 गमों में डूब कर भी तकलीफ कहां होती है ।।
 दिखा भी दे चीर कर दिल अपना मगर ।
 लोगों में देखने की हिम्मत ही कहां होती है ।।



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