कश्मीर में सर्दी न होती ।
राजस्थान में गर्मी न होती है ।।
आ जाता मैं तुरंत तुम्हारे पास ।
बदन पर अगर फौजी भर्ती न होती ।।
फौजी की जिंदगी भी अजीब होती है ।
गमों में डूब कर भी तकलीफ कहां होती है ।।
दिखा भी दे चीर कर दिल अपना मगर ।
लोगों में देखने की हिम्मत ही कहां होती है ।।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें