मंगलवार, 7 जनवरी 2020

शब्द प्रहार



चलते चलते रास्ते में कई मिल जाते हैं ।
 कई साथ चलते हैं तो कई बिछड़ जाते हैं ।।
 अक्सर याद आते हैं उन मिलने वालों की ।
 जो जिंदगी के सफर में हमसे दूर चले जाते हैं।।

चलते चलते रास्ते में कई मिल जाते हैं ।
 कई साथ चलते हैं तो कई बिछड़ जाते हैं ।।
 अक्सर याद आते हैं उन मिलने वालों की ।
 जो जिंदगी के सफर में हमसे दूर चले जाते हैं।।



बाजारों में बोली इज्जत की लगती है ।
 जज्बा की कोई कद्र नहीं हर अरमान की जान निकलती है ।।
 खरीदने वाला हो कोई ।
 दुनिया में हर चीज बिकती है।।



आवाज जुबान से नहीं आती ।
 सांस धड़कनों में नहीं जाती ।।
 फूल खिलते हैं बहारों में ।
 रेगिस्तान को कली नहीं भाती ।।




भीगी भीगी हैं बोझील रातें ।
 गर्म गर्म है महकती सांसे ।।
 यकीन न आया उनको देखकर ।
 दिल से निकलती हैं आहैं ।।



विरह की आग में जलता दिल ।
 मिलने के लिए तड़पता दिल ।।
 एक फूल भी देना गवारा न हुआ उसको ।
 जिसके लिए गुलिस्तान बना दिल ।।



जमाने के खत्रों को सर पर बांध लिया ।
 महकती हुई हवाओं को साथ ही बना लिया ।।
 जिंदगी में कोई न रहा साथ अपने ।
 सफर को ही हमसफर बना लिया ।।



भटकते हुए दिल को करार आ गया ।
 दुनिया को छोड़ कर मेरे पास मेरा प्यार आ गया ।।
 करते करते मौत का इंतजार ।
 हमें जिंदगी पर ऐतबार आ गया ।।



आसमान के तारे जमीन पर आ जाएंगे ।
 या बहार के फूल खिल जाएंगे ।।
 कैसा होगा वो शमा ।
 जब बांहों में महबूबा आ जाएंगे ।।



न किया हमने किसी से प्यार कभी ।
 न किया हमने किसी का दिल बेकरार कभी ।।
 तन्हा रहे उम्र भर यूं ही ।
 न किया हमने किसी पर ऐतबार कभी ।।



सुबह होती है सूरज निकलने से ।
 रात हुई तारे बिखरने से ।।
 रोशन हुई जिंदगी अपनी ।
 आशियाने में आपके आने से ।।



कदम बढ़े तो उठे तूफान ।
 गर्ज से जिनके फटे आसमान ।।
 डोलती हैं पृथ्वी चलने से जिसके ।
 वह भारतीय फौजी है महान ।।



न था गम बताने के लिए ।
 न थी खुशी मुस्कुराने के लिए ।।
 मैं रहा अकेले जिंदगी भर ।
 कोई न मिला साथ निभाने के लिए ।।



रोज गम के साथ जिया करता हूं ।
 रोज खुशी के साथ मरा करता हूं ।।
 तोड़ा था दिल किसी का कभी मैंने ।
 आज उसी को याद किया करता हूं ।।



लगे प्यास तो दरिया मांगा नहीं जाता ।
 किसी के जज्बात को दबाया नहीं जाता ।।
 कांटे होते हैं हिफाजत के लिए ।
 फूलों को कांटों पर सजाया नहीं जाता ।।


आज दुनिया में हर चीज का दाम लगाया जाता है ।
 जिस्म क्या चीज है यहां दिल भी खरीदा जाता है ।।
 इंसानियत खो गई जाने कहां ।
 अब तो मान और इमान भी खुलेआम बेचा जाता है ।।



हर डगर हर गली में तुम्हारे पास आएंगे ।
 ख्वाबों खयालों में आपके समा जाएंगे ।।
 करोगे हमें भुलाने की जितनी कोशिश ।
 हम उतना याद तुम्हें आएंगे ।।



लोग कहते हैं शराब पीना ठीक नहीं ।
 यूं घुट घुट कर जीना ठीक नहीं ।।
 जो होना सके अपने कभी ।
 उनके लिए अश्क बहाना ठीक नहीं ।।


कैसे भूल जाएं उन्हें जो पराये हुए ।
 अपने दिल से रहे हमें मिटाए हुए ।।
 जो जख्म दिए थे उन्होंने ।
 रखे हैं वह मेरे दिल में पाले हुए ।।


इन हसीनाओं के ख्वाबों में मत रहना ।
 इन बहारों के सायों में मत रहना ।।
 चार दिन में ही छोड़ देंगे साथ ।
 एक ही किसी में दिल लगाये मत रहना ।।



हम मिलते हैं खुशी के लिए ।
 लोग बिछड़ते हैं एक होने के लिए ।।
 प्यार में भी काश ऐसा होता ।
 दिल टूटते मिलने के लिए ।।



फूल देना मोहब्बत नहीं होती ।
 हर मुस्कुराहट कातिल नहीं होती ।।
 यूं तो रास्तों में मिलते हैं बहुत ।
 हर किसी के दिल में चाहत नहीं होती ।।



 गलतफहमी यों का कभी करार न हुआ ।
 हम मिलते रहे मगर इकरार न हुआ ।।
 जिंदगी ले गई हमें उस मुकाम पर ।
 जहां उन्हें हम पर ऐतबार न हुआ ।।



 गुलाब मशहूर है चाहत के लिए ।
 चांद मशहूर है राहत के लिए ।।
 दुनिया के खूबसूरत चेहरों में ।
 आपका चेहरा मशहूर है मुस्कुराहट के लिए ।।



 लड़के जब लड़कियों को देखते हैं ।
 जमकर उसकी तारीफ करते हैं ।।
 दिल को हाथों में रखकर ।
 लड़की से प्यार की फरियाद करते हैं ।।



हमसे भी किसी ने अपना हाल पूछ लिया था ।
 सीने पर मेरे हाथ रख कर अपना हाले दिल कह दिया था ।।
 समझ न सका उसके पैगामें इश्क को ।
 चाहत को भरी महफिल में मैंने रुसवा किया था ।।



 आजकल के लड़के लड़कियां प्यार को फैशन समझते हैं ।
 लड़कियां लड़कों को ट्रेन और लड़के लड़कियों को स्टेशन समझते हैं ।।
 कहीं 5 मिनट रुकते हैं कहीं आधा घंटा रुकते हैं ।
 इसी को यह आज का कांस्टिट्यूशन समझते हैं ।।



 हम जिन्हें हर वक्त याद करते हैं ।
 वह किसी और से मिलने की फरियाद करते हैं ।।
 रुसवा किया मोहब्बत को मेरी ।
 फिर भी हम उन्हीं से प्यार करते हैं ।।



 तूफान जब उठता है समंदर को हिला देता है ।
 राह में आने वाली हर चीज को बहा देता है ।।
 इश्क को रोकना मुमकिन नहीं ।
 वो क्या जाने इश्क जमाने को झुका देता है ।।



 दूर रहने वाले अक्सर अपने के लिए तड़पते हैं ।
 उनसे मिलने की आस हमेशा दिल में रखते हैं ।।
 चार दिन में ही हो जाता है यह साहस ।
 पास रहने वाले ही गैर अजनबी लगने लगते हैं ।।




दूरियां चाहत को बढ़ा देती हैं ।
 सच्चे प्यार को बता देती हैं ।।
 दुनिया के अस्तित्व को ।
 हमारे सामने ला देती हैं ।।



 जिसने किया प्यार गम उसको मिला है ।
 सच्चे प्यार का यही मिलता सिला है ।।
 प्यार की दुनिया में कीमत नहीं होती ।
 प्यार करने वालों को न प्यार मिला है ।।



 आप हमारे बिना कहीं रह नहीं पाएंगे ।
 आप जहां जाएंगे वही हम याद आएंगे ।।
 हर गली हर चौराहे पर नजर उठाकर ढूंढना ।
 कहीं न कहीं हम मिल ही जाएंगे ।।




 किसी को चाहा हमने अपना मान कर ।
 पूजा की उसकी अपना खुदा जानकर ।।
 सूरत भी झूठी मूरत भी झूठी ।
 जाना उसे  पहचान कर ।।



 तड़पते हुए दिल को आंसू भी पिला दिया ।
 एक पल प्यार के खातिर अपना सब कुछ गवा दिया ।।
 कुछ न रहा जब मेरे पास ।
 आपने मेरा घर ही जला दिया ।।



 बहती हुई राहों में चलता गया ।
 सफर जिंदगानी का गुजरता गया ।।
 बढ़ती गई गर्मी इस कदर ।
 लहू में मेरे उबाल आता गया ।।



जब  गम होता है सीने में ।
 तभी मजा आता है जीने में ।
 हर चीज लगती है पराई ।
 मोहब्बत के धोखे में ।।



 तन्हाईयों में हम रोते रहते हैं ।
 अपनों को हम याद करते रहते हैं ।।
 जिंदगी हो जाती है भार ।
 जिसे हम ढोया किया करते हैं ।।




 शायरी में दिल का हाल लिख दिया जाता है ।
 जो कहा न जाए खुले शब्दों से बयां किया जाता है ।।
 शायर का अपना एहसास शायरी से ।
 चाहने वालों तक पहुंचा दिया जाता है ।।




 कलिया महकती है बागों में ।
 लड़कियां बहती हैं राहों में ।।
 चलते चलते प्यार हो जाता है ।
 पता नहीं चलता बातों ही बातों में ।।



 भीगी जुल्फें होठों गुलाबी ।
 गोरे गालों पर नैन शराबी ।।
 बैठ जाए दिल थाम के अपना ।
 जिस पर तुमने नजर डाली ।।




 जलती हुई शमा परवाना ढूंढती है ।
 मिट जाए जो उस पर वह दीवाना ढूंढती है ।।
 हो कोई पास अपने चाहे ।
 फिर भी निगाहें किसी और को ढूंढती ।।


 दोस्ती का मेरी कैसा सिला दिया ।
 मेरे विश्वास को तुमने दगा दिया ।।
 तुम्हें कहा प्यार बढ़ाने के लिए ।
 तुमने इसी बहाने मेरा प्यार ही चुरा लिया ।।



 सीने में पाली थी चाहत मैंने ।
 दीवानों सी की हालत मैंने ।।
 जान देकर अपनी चुकाई है ।
 प्यार की कीमत मैंने ।।



 चांद ऊपर आसमान में जलता है ।
 दिल किसी के प्यार में तरसता है ।।
 खुश लगती हैं जिंदगी अपनी ।
 दर्द का किसी को पता कहां चलता है ।।


बाग से अपने लिए एक फूल चुन लिया करते हैं ।
 गुलाब न सही कांटों को छू लिया करते हैं ।।
 जब याद आती है अपने साथ कि हमें ।
 खूबसूरत चेहरों को देख लिया करते हैं ।।



 कुछ हमें अकेला छोड़  जाते हैं ।
 कुछ हमारा साथ निभाते हैं ।।
 परेशानियों को गलत न समझो ।
 बुरे वक्त में ही लोग पहचाने जाते हैं ।।



 जिंदगी से खफा हूं अपनों से जुदा हूं ।
 चलते हुए सफर में जैसे थमा हूं ।।
 उम्मीद नहीं हम सफर मिलने की ।
 जिसकी तलाश में उम्र भर भटकता हूं ।।



 हम याद उन्हें करते हैं सुबह शाम ।
 दिल ढूंढता है उन्हें हर गली मुकाम ।।
 हमको मालूम है आदत उनकी ।
 दिल लगाकर तोड़ना है उनका काम ।।



 वह याद हमें करते हैं हम याद उन्हें करते हैं ।
वो मिलने को तरसते हैं हम मिलने को तड़पते हैं ।।
 दिल के यह बात होठों पर कैसे आए ।
 वह थोड़े शरमाते हैं हम भी घबराते हैं ।।



 सांसो ने सांसो से कुछ बात की ।
 पहली मुलाकात फिर याद की ।।
 जुबा तो कुछ कह न सके ।
 जज़्बातों ने मिलने की फरियाद की ।।



 जिंदगी की शाख से एक फूल लिए बैठे हैं ।
 यह न समझना किसी से दिल लगाए बैठे हैं ।
 दिल दे भी केसे किसी को ।
 हम खुदा अपना दिल गवाये बैठे हैं ।।



 लड़की जब चलती है टांगों को मटकाती है ।
 कम से कम कपड़े पहनकर जब आती है ।।
 देखकर लड़कों की हंसी उड़ जाती है ।
 रब खैर करे जब कमर को झटकाती है।।


अब जिंदगी में कुछ बदलने वाला है ।
 संभाला हुआ दिल खोने वाला है ।।
 समझ में न आया जिंदगी का फसाना ।
 जो पहले था बेगाना अब अपना होने वाला है ।।



 एक पल के लिए भी उनसे दोस्ती न हुई ।
 उम्र भर मिलते रहे आशिकी न हुई ।।
  दोष क्या दू उनकी आंखों को ।
 दिल तो जलता ही रहा पर रोशनी न हुई ।।



 आंखों से आंसू बहाए नहीं जाते ।
 छुपे हुए गम बताए नहीं जाते ।।
पूछ  भी ले अगर हाल कोई ।
 हर जख्म दिल के दिखाए नहीं जाते ।।



 याद को उसकी भुला न सका ।
 साय से पीछा छुड़ा न सका ।।
 सोने से मैं डरता रहा ।
 सपनों से उसे मिटा न सका ।।



 सीने में दबे अरमानों को बता न सका ।
 चाहत को उसकी छुपा न सका ।।
 बह गई आंसू बनकर मोहब्बत ।
 आंखों में अपनी उनका प्यार छुपा न सका ।।



 पास होकर भी दूर बहुत हो ।
 प्यार पाकर बेवफाई के करीब बहुत हो ।।
 समझ न आये आशकी  हमें । 
दर्द के करीब मर्हम से दूर बहुत हो ।।



 आने वालों को दोस्त बनानी है दुनिया ।
 जाने वालों को भुलाती है दुनिया ।।
 कैसे याद आयेगी हमारी तुम्हें ।
 अजनबी बन जाती है दुनिया ।।




धड़कता है सीना तड़पती है सांसे ।
 मचलता है दिल रोती हैं आंखें ।।
 पिघलता है दामन भटकती है बाहें ।
 निखरता है हुश्न वहकती हैं राहें ।।



 कोई कहे प्यार इसे ।
 कोई कहे पागल इसे ।।
 समझ न आया ।
 यह दिल का रोग मुझे ।।



 उम्र भर जीता रहा दोस्ती के लिए ।
 पीता रहा एक पल की खुशी के लिए ।।
 पूरा हुआ न फसाना जिंदगी का कोई ।
 डूब गया शराब में जीवन की मुक्ति के लिए ।।






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