चलते चलते रास्ते में कई मिल जाते हैं ।
कई साथ चलते हैं तो कई बिछड़ जाते हैं ।।
अक्सर याद आते हैं उन मिलने वालों की ।
जो जिंदगी के सफर में हमसे दूर चले जाते हैं।।
चलते चलते रास्ते में कई मिल जाते हैं ।
कई साथ चलते हैं तो कई बिछड़ जाते हैं ।।
अक्सर याद आते हैं उन मिलने वालों की ।
जो जिंदगी के सफर में हमसे दूर चले जाते हैं।।
बाजारों में बोली इज्जत की लगती है ।
जज्बा की कोई कद्र नहीं हर अरमान की जान निकलती है ।।
खरीदने वाला हो कोई ।
दुनिया में हर चीज बिकती है।।
आवाज जुबान से नहीं आती ।
सांस धड़कनों में नहीं जाती ।।
फूल खिलते हैं बहारों में ।
रेगिस्तान को कली नहीं भाती ।।
भीगी भीगी हैं बोझील रातें ।
गर्म गर्म है महकती सांसे ।।
यकीन न आया उनको देखकर ।
दिल से निकलती हैं आहैं ।।
विरह की आग में जलता दिल ।
मिलने के लिए तड़पता दिल ।।
एक फूल भी देना गवारा न हुआ उसको ।
जिसके लिए गुलिस्तान बना दिल ।।
जमाने के खत्रों को सर पर बांध लिया ।
महकती हुई हवाओं को साथ ही बना लिया ।।
जिंदगी में कोई न रहा साथ अपने ।
सफर को ही हमसफर बना लिया ।।
भटकते हुए दिल को करार आ गया ।
दुनिया को छोड़ कर मेरे पास मेरा प्यार आ गया ।।
करते करते मौत का इंतजार ।
हमें जिंदगी पर ऐतबार आ गया ।।
आसमान के तारे जमीन पर आ जाएंगे ।
या बहार के फूल खिल जाएंगे ।।
कैसा होगा वो शमा ।
जब बांहों में महबूबा आ जाएंगे ।।
न किया हमने किसी से प्यार कभी ।
न किया हमने किसी का दिल बेकरार कभी ।।
तन्हा रहे उम्र भर यूं ही ।
न किया हमने किसी पर ऐतबार कभी ।।
सुबह होती है सूरज निकलने से ।
रात हुई तारे बिखरने से ।।
रोशन हुई जिंदगी अपनी ।
आशियाने में आपके आने से ।।
कदम बढ़े तो उठे तूफान ।
गर्ज से जिनके फटे आसमान ।।
डोलती हैं पृथ्वी चलने से जिसके ।
वह भारतीय फौजी है महान ।।
न था गम बताने के लिए ।
न थी खुशी मुस्कुराने के लिए ।।
मैं रहा अकेले जिंदगी भर ।
कोई न मिला साथ निभाने के लिए ।।
रोज गम के साथ जिया करता हूं ।
रोज खुशी के साथ मरा करता हूं ।।
तोड़ा था दिल किसी का कभी मैंने ।
आज उसी को याद किया करता हूं ।।
लगे प्यास तो दरिया मांगा नहीं जाता ।
किसी के जज्बात को दबाया नहीं जाता ।।
कांटे होते हैं हिफाजत के लिए ।
फूलों को कांटों पर सजाया नहीं जाता ।।
आज दुनिया में हर चीज का दाम लगाया जाता है ।
जिस्म क्या चीज है यहां दिल भी खरीदा जाता है ।।
इंसानियत खो गई जाने कहां ।
अब तो मान और इमान भी खुलेआम बेचा जाता है ।।
हर डगर हर गली में तुम्हारे पास आएंगे ।
ख्वाबों खयालों में आपके समा जाएंगे ।।
करोगे हमें भुलाने की जितनी कोशिश ।
हम उतना याद तुम्हें आएंगे ।।
लोग कहते हैं शराब पीना ठीक नहीं ।
यूं घुट घुट कर जीना ठीक नहीं ।।
जो होना सके अपने कभी ।
उनके लिए अश्क बहाना ठीक नहीं ।।
कैसे भूल जाएं उन्हें जो पराये हुए ।
अपने दिल से रहे हमें मिटाए हुए ।।
जो जख्म दिए थे उन्होंने ।
रखे हैं वह मेरे दिल में पाले हुए ।।
इन हसीनाओं के ख्वाबों में मत रहना ।
इन बहारों के सायों में मत रहना ।।
चार दिन में ही छोड़ देंगे साथ ।
एक ही किसी में दिल लगाये मत रहना ।।
हम मिलते हैं खुशी के लिए ।
लोग बिछड़ते हैं एक होने के लिए ।।
प्यार में भी काश ऐसा होता ।
दिल टूटते मिलने के लिए ।।
फूल देना मोहब्बत नहीं होती ।
हर मुस्कुराहट कातिल नहीं होती ।।
यूं तो रास्तों में मिलते हैं बहुत ।
हर किसी के दिल में चाहत नहीं होती ।।
गलतफहमी यों का कभी करार न हुआ ।
हम मिलते रहे मगर इकरार न हुआ ।।
जिंदगी ले गई हमें उस मुकाम पर ।
जहां उन्हें हम पर ऐतबार न हुआ ।।
गुलाब मशहूर है चाहत के लिए ।
चांद मशहूर है राहत के लिए ।।
दुनिया के खूबसूरत चेहरों में ।
आपका चेहरा मशहूर है मुस्कुराहट के लिए ।।
लड़के जब लड़कियों को देखते हैं ।
जमकर उसकी तारीफ करते हैं ।।
दिल को हाथों में रखकर ।
लड़की से प्यार की फरियाद करते हैं ।।
हमसे भी किसी ने अपना हाल पूछ लिया था ।
सीने पर मेरे हाथ रख कर अपना हाले दिल कह दिया था ।।
समझ न सका उसके पैगामें इश्क को ।
चाहत को भरी महफिल में मैंने रुसवा किया था ।।
आजकल के लड़के लड़कियां प्यार को फैशन समझते हैं ।
लड़कियां लड़कों को ट्रेन और लड़के लड़कियों को स्टेशन समझते हैं ।।
कहीं 5 मिनट रुकते हैं कहीं आधा घंटा रुकते हैं ।
इसी को यह आज का कांस्टिट्यूशन समझते हैं ।।
हम जिन्हें हर वक्त याद करते हैं ।
वह किसी और से मिलने की फरियाद करते हैं ।।
रुसवा किया मोहब्बत को मेरी ।
फिर भी हम उन्हीं से प्यार करते हैं ।।
तूफान जब उठता है समंदर को हिला देता है ।
राह में आने वाली हर चीज को बहा देता है ।।
इश्क को रोकना मुमकिन नहीं ।
वो क्या जाने इश्क जमाने को झुका देता है ।।
दूर रहने वाले अक्सर अपने के लिए तड़पते हैं ।
उनसे मिलने की आस हमेशा दिल में रखते हैं ।।
चार दिन में ही हो जाता है यह साहस ।
पास रहने वाले ही गैर अजनबी लगने लगते हैं ।।
दूरियां चाहत को बढ़ा देती हैं ।
सच्चे प्यार को बता देती हैं ।।
दुनिया के अस्तित्व को ।
हमारे सामने ला देती हैं ।।
जिसने किया प्यार गम उसको मिला है ।
सच्चे प्यार का यही मिलता सिला है ।।
प्यार की दुनिया में कीमत नहीं होती ।
प्यार करने वालों को न प्यार मिला है ।।
आप हमारे बिना कहीं रह नहीं पाएंगे ।
आप जहां जाएंगे वही हम याद आएंगे ।।
हर गली हर चौराहे पर नजर उठाकर ढूंढना ।
कहीं न कहीं हम मिल ही जाएंगे ।।
किसी को चाहा हमने अपना मान कर ।
पूजा की उसकी अपना खुदा जानकर ।।
सूरत भी झूठी मूरत भी झूठी ।
जाना उसे पहचान कर ।।
तड़पते हुए दिल को आंसू भी पिला दिया ।
एक पल प्यार के खातिर अपना सब कुछ गवा दिया ।।
कुछ न रहा जब मेरे पास ।
आपने मेरा घर ही जला दिया ।।
बहती हुई राहों में चलता गया ।
सफर जिंदगानी का गुजरता गया ।।
बढ़ती गई गर्मी इस कदर ।
लहू में मेरे उबाल आता गया ।।
जब गम होता है सीने में ।
तभी मजा आता है जीने में ।
हर चीज लगती है पराई ।
मोहब्बत के धोखे में ।।
तन्हाईयों में हम रोते रहते हैं ।
अपनों को हम याद करते रहते हैं ।।
जिंदगी हो जाती है भार ।
जिसे हम ढोया किया करते हैं ।।
शायरी में दिल का हाल लिख दिया जाता है ।
जो कहा न जाए खुले शब्दों से बयां किया जाता है ।।
शायर का अपना एहसास शायरी से ।
चाहने वालों तक पहुंचा दिया जाता है ।।
कलिया महकती है बागों में ।
लड़कियां बहती हैं राहों में ।।
चलते चलते प्यार हो जाता है ।
पता नहीं चलता बातों ही बातों में ।।
भीगी जुल्फें होठों गुलाबी ।
गोरे गालों पर नैन शराबी ।।
बैठ जाए दिल थाम के अपना ।
जिस पर तुमने नजर डाली ।।
जलती हुई शमा परवाना ढूंढती है ।
मिट जाए जो उस पर वह दीवाना ढूंढती है ।।
हो कोई पास अपने चाहे ।
फिर भी निगाहें किसी और को ढूंढती ।।
दोस्ती का मेरी कैसा सिला दिया ।
मेरे विश्वास को तुमने दगा दिया ।।
तुम्हें कहा प्यार बढ़ाने के लिए ।
तुमने इसी बहाने मेरा प्यार ही चुरा लिया ।।
सीने में पाली थी चाहत मैंने ।
दीवानों सी की हालत मैंने ।।
जान देकर अपनी चुकाई है ।
प्यार की कीमत मैंने ।।
चांद ऊपर आसमान में जलता है ।
दिल किसी के प्यार में तरसता है ।।
खुश लगती हैं जिंदगी अपनी ।
दर्द का किसी को पता कहां चलता है ।।
बाग से अपने लिए एक फूल चुन लिया करते हैं ।
गुलाब न सही कांटों को छू लिया करते हैं ।।
जब याद आती है अपने साथ कि हमें ।
खूबसूरत चेहरों को देख लिया करते हैं ।।
कुछ हमें अकेला छोड़ जाते हैं ।
कुछ हमारा साथ निभाते हैं ।।
परेशानियों को गलत न समझो ।
बुरे वक्त में ही लोग पहचाने जाते हैं ।।
जिंदगी से खफा हूं अपनों से जुदा हूं ।
चलते हुए सफर में जैसे थमा हूं ।।
उम्मीद नहीं हम सफर मिलने की ।
जिसकी तलाश में उम्र भर भटकता हूं ।।
हम याद उन्हें करते हैं सुबह शाम ।
दिल ढूंढता है उन्हें हर गली मुकाम ।।
हमको मालूम है आदत उनकी ।
दिल लगाकर तोड़ना है उनका काम ।।
वह याद हमें करते हैं हम याद उन्हें करते हैं ।
वो मिलने को तरसते हैं हम मिलने को तड़पते हैं ।।
दिल के यह बात होठों पर कैसे आए ।
वह थोड़े शरमाते हैं हम भी घबराते हैं ।।
सांसो ने सांसो से कुछ बात की ।
पहली मुलाकात फिर याद की ।।
जुबा तो कुछ कह न सके ।
जज़्बातों ने मिलने की फरियाद की ।।
जिंदगी की शाख से एक फूल लिए बैठे हैं ।
यह न समझना किसी से दिल लगाए बैठे हैं ।
दिल दे भी केसे किसी को ।
हम खुदा अपना दिल गवाये बैठे हैं ।।
लड़की जब चलती है टांगों को मटकाती है ।
कम से कम कपड़े पहनकर जब आती है ।।
देखकर लड़कों की हंसी उड़ जाती है ।
रब खैर करे जब कमर को झटकाती है।।
अब जिंदगी में कुछ बदलने वाला है ।
संभाला हुआ दिल खोने वाला है ।।
समझ में न आया जिंदगी का फसाना ।
जो पहले था बेगाना अब अपना होने वाला है ।।
एक पल के लिए भी उनसे दोस्ती न हुई ।
उम्र भर मिलते रहे आशिकी न हुई ।।
दोष क्या दू उनकी आंखों को ।
दिल तो जलता ही रहा पर रोशनी न हुई ।।
आंखों से आंसू बहाए नहीं जाते ।
छुपे हुए गम बताए नहीं जाते ।।
पूछ भी ले अगर हाल कोई ।
हर जख्म दिल के दिखाए नहीं जाते ।।
याद को उसकी भुला न सका ।
साय से पीछा छुड़ा न सका ।।
सोने से मैं डरता रहा ।
सपनों से उसे मिटा न सका ।।
सीने में दबे अरमानों को बता न सका ।
चाहत को उसकी छुपा न सका ।।
बह गई आंसू बनकर मोहब्बत ।
आंखों में अपनी उनका प्यार छुपा न सका ।।
पास होकर भी दूर बहुत हो ।
प्यार पाकर बेवफाई के करीब बहुत हो ।।
समझ न आये आशकी हमें ।
दर्द के करीब मर्हम से दूर बहुत हो ।।
आने वालों को दोस्त बनानी है दुनिया ।
जाने वालों को भुलाती है दुनिया ।।
कैसे याद आयेगी हमारी तुम्हें ।
अजनबी बन जाती है दुनिया ।।
धड़कता है सीना तड़पती है सांसे ।
मचलता है दिल रोती हैं आंखें ।।
पिघलता है दामन भटकती है बाहें ।
निखरता है हुश्न वहकती हैं राहें ।।
कोई कहे प्यार इसे ।
कोई कहे पागल इसे ।।
समझ न आया ।
यह दिल का रोग मुझे ।।
उम्र भर जीता रहा दोस्ती के लिए ।
पीता रहा एक पल की खुशी के लिए ।।
पूरा हुआ न फसाना जिंदगी का कोई ।
डूब गया शराब में जीवन की मुक्ति के लिए ।।
मेरे विश्वास को तुमने दगा दिया ।।
तुम्हें कहा प्यार बढ़ाने के लिए ।
तुमने इसी बहाने मेरा प्यार ही चुरा लिया ।।
सीने में पाली थी चाहत मैंने ।
दीवानों सी की हालत मैंने ।।
जान देकर अपनी चुकाई है ।
प्यार की कीमत मैंने ।।
चांद ऊपर आसमान में जलता है ।
दिल किसी के प्यार में तरसता है ।।
खुश लगती हैं जिंदगी अपनी ।
दर्द का किसी को पता कहां चलता है ।।
बाग से अपने लिए एक फूल चुन लिया करते हैं ।
गुलाब न सही कांटों को छू लिया करते हैं ।।
जब याद आती है अपने साथ कि हमें ।
खूबसूरत चेहरों को देख लिया करते हैं ।।
कुछ हमें अकेला छोड़ जाते हैं ।
कुछ हमारा साथ निभाते हैं ।।
परेशानियों को गलत न समझो ।
बुरे वक्त में ही लोग पहचाने जाते हैं ।।
जिंदगी से खफा हूं अपनों से जुदा हूं ।
चलते हुए सफर में जैसे थमा हूं ।।
उम्मीद नहीं हम सफर मिलने की ।
जिसकी तलाश में उम्र भर भटकता हूं ।।
हम याद उन्हें करते हैं सुबह शाम ।
दिल ढूंढता है उन्हें हर गली मुकाम ।।
हमको मालूम है आदत उनकी ।
दिल लगाकर तोड़ना है उनका काम ।।
वह याद हमें करते हैं हम याद उन्हें करते हैं ।
वो मिलने को तरसते हैं हम मिलने को तड़पते हैं ।।
दिल के यह बात होठों पर कैसे आए ।
वह थोड़े शरमाते हैं हम भी घबराते हैं ।।
सांसो ने सांसो से कुछ बात की ।
पहली मुलाकात फिर याद की ।।
जुबा तो कुछ कह न सके ।
जज़्बातों ने मिलने की फरियाद की ।।
जिंदगी की शाख से एक फूल लिए बैठे हैं ।
यह न समझना किसी से दिल लगाए बैठे हैं ।
दिल दे भी केसे किसी को ।
हम खुदा अपना दिल गवाये बैठे हैं ।।
लड़की जब चलती है टांगों को मटकाती है ।
कम से कम कपड़े पहनकर जब आती है ।।
देखकर लड़कों की हंसी उड़ जाती है ।
रब खैर करे जब कमर को झटकाती है।।
अब जिंदगी में कुछ बदलने वाला है ।
संभाला हुआ दिल खोने वाला है ।।
समझ में न आया जिंदगी का फसाना ।
जो पहले था बेगाना अब अपना होने वाला है ।।
एक पल के लिए भी उनसे दोस्ती न हुई ।
उम्र भर मिलते रहे आशिकी न हुई ।।
दोष क्या दू उनकी आंखों को ।
दिल तो जलता ही रहा पर रोशनी न हुई ।।
आंखों से आंसू बहाए नहीं जाते ।
छुपे हुए गम बताए नहीं जाते ।।
पूछ भी ले अगर हाल कोई ।
हर जख्म दिल के दिखाए नहीं जाते ।।
याद को उसकी भुला न सका ।
साय से पीछा छुड़ा न सका ।।
सोने से मैं डरता रहा ।
सपनों से उसे मिटा न सका ।।
सीने में दबे अरमानों को बता न सका ।
चाहत को उसकी छुपा न सका ।।
बह गई आंसू बनकर मोहब्बत ।
आंखों में अपनी उनका प्यार छुपा न सका ।।
पास होकर भी दूर बहुत हो ।
प्यार पाकर बेवफाई के करीब बहुत हो ।।
समझ न आये आशकी हमें ।
दर्द के करीब मर्हम से दूर बहुत हो ।।
आने वालों को दोस्त बनानी है दुनिया ।
जाने वालों को भुलाती है दुनिया ।।
कैसे याद आयेगी हमारी तुम्हें ।
अजनबी बन जाती है दुनिया ।।
धड़कता है सीना तड़पती है सांसे ।
मचलता है दिल रोती हैं आंखें ।।
पिघलता है दामन भटकती है बाहें ।
निखरता है हुश्न वहकती हैं राहें ।।
कोई कहे प्यार इसे ।
कोई कहे पागल इसे ।।
समझ न आया ।
यह दिल का रोग मुझे ।।
उम्र भर जीता रहा दोस्ती के लिए ।
पीता रहा एक पल की खुशी के लिए ।।
पूरा हुआ न फसाना जिंदगी का कोई ।
डूब गया शराब में जीवन की मुक्ति के लिए ।।
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